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कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मटके या सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ का पानी पीना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
हां, बशरà¥à¤¤à¥‡ आप जरà¥à¤°à¥€ à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतें। पीढ़ियों से पानी को ठंडा रखने के लिठमिटà¥à¤Ÿà¥€ के घड़े या मटके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता रहा है। मटके या सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ में संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ पानीसामानà¥à¤¯ नल के पानी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी ठंडा हो जाता है और इसमें कà¥à¤› अलग ही ताजगी à¤à¤°à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ होता है। बहà¥à¤¤ से लोगों को पानी का यह तापमान पीने के लिठउचित लगता है - कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® होता और न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडा।
परंपरागत रूप से मटके का पानी गले के लिठसौमà¥à¤¯ और फà¥à¤°à¤¿à¤œ के ठंडे पानी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बेहतर माना जाता है। परिवारजन à¤à¥€ आपको सलाह दे सकते हैं कि आप केवल मटके का पानी पिà¤à¤‚, ताकि बीमार न पड़ें। अगर आपको सरà¥à¤¦à¥€-खांसी या गले में खराश होने का खतरा रहता है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लग सकता है कि मटके का पानी आपके लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है।
मगर, यह जरà¥à¤°à¥€ है कि पानी को मटके या सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ में à¤à¤°à¤¨à¥‡ से पहले अचà¥à¤›à¥€ तरह उबाल लिया जाठया या फिर फिलà¥à¤Ÿà¤° पानी की इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाà¤à¥¤ अगर आप पानी उबाल रही हैं, तो तेज उबाल आने के बाद इसे à¤à¤• मिनट तक और खौलाà¤à¤‚ और फिर गैस बंद कर दें। पानी को अपने आप ठंडा होने दें। जब इसका तापमान कमरे के तापमान ​के बराबर हो जाà¤, तो आप साफ मटके या सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ में इसे à¤à¤°à¤•र रख लें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने योगà¥à¤¯ कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ:
अपने मटके या सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ को साफ और कीटाणॠमà¥à¤•à¥à¤¤ रखें। मिटà¥à¤Ÿà¥€ के बरà¥à¤¤à¤¨ में पानी बचा रह सकता है और गंदगी जमा हो सकती है। बेहतर है कि मटके में दोबारा पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ से पहले आप इसे रगड़कर अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ कर लें और फिर सà¥à¤–ाकर इसमें पानी à¤à¤°à¥‡à¤‚।
कà¥à¤› लोग सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ में पानी à¤à¤°à¤¨à¤¾ पसंद करते हैं, यह मिटà¥à¤Ÿà¥€ का बरà¥à¤¤à¤¨ होता है जिसकी लंबी गरà¥à¤¦à¤¨ होती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि छोटी गरà¥à¤¦à¤¨ वाले चौड़े मटके की बजाय सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ में पानी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडा होता है।
बजार में कई अलग-अलग तरह के मिटà¥à¤Ÿà¥€ के घड़े व सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उपलबà¥à¤§ हैं। कà¥à¤› लोग à¤à¤¸à¥‡ मटके और सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ पसंद करते हैं जिनमें नीचे की तरफ नल लगी होती है, जिससे पानी निकालना आसान होता है।
बहà¥à¤¤ से लोग सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ पसंद करते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि छोटी सà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ का रख-रखाव आसान रहता है, वहीं बड़े मटके या घड़े को इधर-उधर ले जाना आसान नहीं होता।
अगर आप मटके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं, तो इसे हमेशा ढक कर रखें ताकि कीड़े-मकोड़े, धूल और अनà¥à¤¯ दूषित चीजें इसमें न गिरें।
गरà¥à¤®à¥€ के महीनों में पानी को जलà¥à¤¦à¥€ ठंडा करने के लिठआप मटके के चारों तरफ साफ गीला कपड़ा लपेट सकती हैं।
मटके से पानी निकालने के लिठà¤à¤• साफ, लंबे हैंडल वाली कलछी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। गिलास डà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡ या अपने हाथ से पानी को छूने से वह दूषित हो सकता है।
मटके में किसी à¤à¥€ दरार और टूट-फूट का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, और लीक होने पर अपना मटका बदल दें।
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